हर मरीज़ का पहला सवाल यही होता है — “डॉक्टर साहब, यह इलाज सुरक्षित तो है ना?” सीधा जवाब: आधुनिक तरीके (लेज़र, रेडियोफ्रीक्वेंसी, ग्लू, स्क्लेरोथेरेपी) नसों के इलाज में सबसे सुरक्षित प्रक्रियाओं में से हैं। प्रकाशित अध्ययनों में गंभीर जटिलताओं की दर 1% से भी कम पाई गई है। आइए विस्तार से समझें, और जानें कि Endovascular Expert क्लिनिक, जयपुर में हम कौन-सी सुरक्षा जाँचें करते हैं।
बेहोशी (जनरल एनेस्थीसिया) की ज़रूरत नहीं
पुरानी “वेन स्ट्रिपिंग” सर्जरी में मरीज़ को बेहोश करना पड़ता था, अस्पताल में भर्ती होना पड़ता था और हफ़्तों आराम करना पड़ता था। आधुनिक इलाज अलग है। लेज़र (EVLT) और रेडियोफ्रीक्वेंसी केवल लोकल एनेस्थीसिया में होते हैं। आप जागते रहते हैं, डॉक्टर से बात कर सकते हैं — और बेहोशी से जुड़े जो सबसे बड़े जोखिम होते हैं, वे यहाँ लागू ही नहीं होते। वेनासील ग्लू में तो अक्सर बस एक सुई की चुभन जितना ही लोकल एनेस्थीसिया लगता है।
आँकड़े क्या कहते हैं
सुरक्षा दावों से नहीं, आँकड़ों से मापी जाती है। बड़े अध्ययनों के अनुसार:
- लेज़र और RFA लगभग 92–98% मामलों में खराब नस को सफलतापूर्वक बंद कर देते हैं।
- इलाज के बाद गहरी नस में थक्का (DVT) 1% से भी कम मरीज़ों में देखा जाता है।
- त्वचा जलना, नस की जलन या रंग बदलना कम होता है, आमतौर पर अस्थायी होता है, और अल्ट्रासाउंड-निर्देशित तकनीक से और घट जाता है।
- गंभीर जटिलताएँ इतनी दुर्लभ हैं कि यह डे-केयर में होता है — आप चलकर आते हैं और उसी दिन चलकर घर जाते हैं।
दूसरी ओर, बड़ी वैरिकोज़ वेन्स को बिना इलाज छोड़ना — त्वचा को नुकसान, नस के छाले (अल्सर), थक्का और खून बहने का असली दीर्घकालिक जोखिम रखता है।
इलाज से पहले की सुरक्षा जाँचें
सुरक्षित इलाज प्रक्रिया से पहले शुरू होता है। हमारे यहाँ हर मरीज़ की:
- डुप्लेक्स अल्ट्रासाउंड वेन मैपिंग — कलर डॉपलर से यह पक्का किया जाता है कि किन नसों के वॉल्व खराब हैं और इलाज से पहले DVT तो नहीं है। मैपिंग के बिना इलाज करना अंधेरे में तीर चलाने जैसा है।
- फिटनेस और दवाइयों की जाँच — खून पतला करने वाली दवा, डायबिटीज़, गर्भावस्था और एलर्जी का इतिहास देखा जाता है।
- सही तकनीक का चुनाव — लेज़र, RFA, ग्लू, MOCA और स्क्लेरोथेरेपी में से हर एक की अपनी जगह होती है।
किसे विशेष सावधानी चाहिए?
यदि सक्रिय DVT है, गर्भावस्था है, अनियंत्रित संक्रमण है, या गहरी नसों की गंभीर बीमारी है — तो इलाज टाला या बदला जा सकता है। यही कारण है कि इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट द्वारा इलाज — जो खुद इमेजिंग पढ़ने में प्रशिक्षित है — सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत जोड़ता है।
अपनी नसों को लेकर कोई सुरक्षा-सवाल है? डॉ. निखिल बंसल (MD, PGDHHM, FVIR, FIPM), इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट, किसी भी इलाज से पहले पहले डॉपलर मैपिंग और सलाह करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या लेज़र से वैरिकोज़ वेन्स का इलाज दर्दनाक है?
ज़्यादातर मरीज़ों को सिर्फ़ लोकल एनेस्थीसिया की छोटी चुभन महसूस होती है। लेज़र खुद महसूस नहीं होता क्योंकि नस सुन्न और सुरक्षित होती है। कुछ दिन हल्की जकड़न सामान्य है।
क्या इलाज से खून का थक्का बन सकता है?
इलाज के बाद DVT दुर्लभ है — 1% से कम मामलों में। डॉपलर स्क्रीनिंग और इलाज के तुरंत बाद चलने से जोखिम और कम हो जाता है।
क्या बुज़ुर्ग या डायबिटिक मरीज़ों के लिए सुरक्षित है?
आमतौर पर हाँ — बेहोशी की ज़रूरत न होने के कारण यह इलाज बुज़ुर्गों और डायबिटीज़/हृदय रोग वाले मरीज़ों के लिए विशेष रूप से उपयुक्त है, फिटनेस जाँच के बाद।
यह लेख केवल जानकारी के लिए है और डॉक्टर की व्यक्तिगत सलाह का विकल्प नहीं है।


