स्कैन में लिवर का ट्यूमर आने पर ज़्यादातर परिवार सोचते हैं कि सिर्फ़ दो ही रास्ते हैं — बड़ा ऑपरेशन या कीमोथेरेपी। एक तीसरा रास्ता है जिसे राजस्थान में बहुत से मरीज़ नहीं जानते: इंटरवेंशनल ऑन्कोलॉजी — यानी कलाई या जांघ के एक पिनहोल से, इमेजिंग की मदद से सीधे ट्यूमर का इलाज, बिना बड़े चीरे के। आइए TACE और TARE को आसान भाषा में समझें।
एम्बोलाइज़ेशन का मूल विचार
लिवर का ट्यूमर अपना खून मुख्य रूप से एक धमनी (हेपेटिक आर्टरी) से लेता है, जबकि स्वस्थ लिवर को खून दूसरी नस (पोर्टल वेन) से मिलता है। यही अंतर काम आता है। एक पतली कैथेटर को केवल ट्यूमर को खून देने वाली धमनी तक ले जाकर, हम इलाज सीधे कैंसर तक पहुँचा सकते हैं और उसका खून रोक सकते हैं — जबकि स्वस्थ लिवर काफ़ी हद तक बचा रहता है।
TACE — ट्रांस-आर्टीरियल कीमो-एम्बोलाइज़ेशन
TACE में कीमोथेरेपी दवा सीधे ट्यूमर की धमनी में डाली जाती है और फिर वह नस छोटे कणों से बंद कर दी जाती है। दवा ट्यूमर के अंदर बहुत ज़्यादा मात्रा में रुकी रहती है, जबकि बाकी शरीर पर असर बहुत कम पड़ता है।
DEB-TACE — ड्रग-एल्यूटिंग बीड TACE
यह TACE का ही उन्नत रूप है। कीमो दवा सूक्ष्म बीड्स (मोतियों) पर लगाई जाती है जो ट्यूमर की नसों में फँसकर दवा को कई दिनों तक धीरे-धीरे छोड़ते हैं — अक्सर कम साइड-इफेक्ट के साथ।
TARE / रेडियोएम्बोलाइज़ेशन (Y-90)
TARE में बीड्स दवा की जगह रेडियोधर्मी तत्व (यट्रियम-90) ले जाते हैं और ट्यूमर के अंदर से ही सटीक रेडिएशन देते हैं। यह कुछ लिवर कैंसर और दूसरी जगह से लिवर में फैले कैंसर के लिए उपयोग होता है, और आमतौर पर अच्छी तरह सहन होता है।
कौन-सा, किसके लिए?
कोई एक “सबसे अच्छा” नहीं है — चुनाव ट्यूमर के प्रकार, आकार, संख्या, लिवर की कार्यक्षमता और मरीज़ की स्थिति पर निर्भर करता है। यह निर्णय इमेजिंग और लिवर फंक्शन को साथ देखकर लिया जाता है। इन सबमें एक बात समान है — रास्ता एक पिनहोल, और अस्पताल में समय आमतौर पर 1–2 दिन।
क्या आपके पास लिवर ट्यूमर की रिपोर्ट है जिसे दिखाना है? डॉ. निखिल बंसल (MD, PGDHHM, FVIR, FIPM), इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट, जयपुर में TACE/TARE करते हैं। रिपोर्ट भेजकर शुरुआती राय ले सकते हैं। 📞 +91-97824 15566 · रिपोर्ट WhatsApp करें
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या TACE लिवर कैंसर का इलाज है?
TACE एक प्रभावी नियंत्रण उपचार है जो ट्यूमर को सिकोड़ सकता है, लक्षण घटा सकता है और चुनिंदा मरीज़ों में बीमारी को लंबे समय तक नियंत्रण में रख सकता है। यह पूर्ण इलाज है या नहीं, यह स्टेज और प्रकार पर निर्भर करता है।
TACE सामान्य कीमो से कैसे अलग है?
सामान्य कीमो पूरे शरीर में घूमती है। TACE दवा सीधे ट्यूमर की धमनी में डालकर उसे बंद कर देती है, इसलिए ट्यूमर को ज़्यादा और शरीर को बहुत कम दवा मिलती है।
क्या यह बेहोशी में होता है?
नहीं। यह पिनहोल से लोकल एनेस्थीसिया और सिडेशन में, लाइव X-ray की मदद से होता है। ज़्यादातर मरीज़ 1–2 दिन अस्पताल में रहते हैं।
यह लेख केवल जानकारी के लिए है। लिवर ट्यूमर का इलाज व्यक्तिगत होता है — कृपया रिपोर्ट के साथ Dr. Nikhil Bansal से परामर्श करें। यह एक संवेदनशील विषय है; किसी भी चिंता में डॉक्टर से अवश्य मिलें।


