कई महिलाओं को बताया जाता है कि बच्चेदानी की गांठ (फाइब्रॉइड) का एकमात्र इलाज बच्चेदानी निकलवाना (हिस्टेरेक्टॉमी) है। यह एक विकल्प है, पर एकमात्र नहीं। यूटेराइन फाइब्रॉइड एम्बोलाइज़ेशन (UFE) में गांठ का इलाज एक पिनहोल से होता है, बच्चेदानी सुरक्षित रहती है, और ज़्यादातर महिलाएँ अगले दिन घर चली जाती हैं। अगर आपको सिर्फ़ एक विकल्प बताया गया है, तो यह लेख आपके लिए दूसरी राय है।
UFE क्या है?
फाइब्रॉइड बच्चेदानी की धमनियों से खून लेकर बढ़ते हैं। UFE में इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट एक पतली कैथेटर उन धमनियों तक ले जाते हैं और छोटे कण डालकर गांठ का खून रोक देते हैं। खून बंद होते ही फाइब्रॉइड कुछ हफ़्तों-महीनों में सिकुड़ जाते हैं, और भारी ब्लीडिंग व दबाव के लक्षण कम हो जाते हैं। स्वस्थ बच्चेदानी को दूसरी नसों से खून मिलता रहता है।
UFE बनाम हिस्टेरेक्टॉमी
| बिंदु | UFE (एम्बोलाइज़ेशन) | हिस्टेरेक्टॉमी |
|---|---|---|
| बच्चेदानी | सुरक्षित रहती है | निकाल दी जाती है |
| चीरा | पिनहोल (सुई-छेद) | पेट/लैप्रोस्कोपिक सर्जरी |
| बेहोशी | लोकल + सिडेशन | जनरल/स्पाइनल |
| अस्पताल में समय | प्रायः 1 दिन | 2–4 दिन |
| सामान्य जीवन में वापसी | ~1–2 हफ़्ते | ~4–6 हफ़्ते |
| लक्षणों में राहत | ~85–90% (अध्ययनों में) | निश्चित (गांठ बच्चेदानी सहित निकल जाती है) |
किसके लिए UFE अच्छा है?
जिन महिलाओं को भारी माहवारी, दबाव, पेट फूलना या बार-बार पेशाब की समस्या फाइब्रॉइड के कारण है और जो बच्चेदानी सुरक्षित रखना चाहती हैं — व्यक्तिगत, पारिवारिक या बड़ी सर्जरी से बचने के कारण। यह उन महिलाओं के लिए भी उपयोगी है जो अन्य स्वास्थ्य कारणों से सर्जरी के लिए उपयुक्त नहीं हैं।
किसे सर्जरी बेहतर हो सकती है?
बहुत बड़ी गांठें, कैंसर का संदेह, कुछ विशेष प्रकार की डंठल वाली गांठें, या सक्रिय संक्रमण में सर्जरी या अन्य तरीका बेहतर हो सकता है। गर्भधारण की योजना बना रही महिलाओं के लिए अलग व्यक्तिगत चर्चा ज़रूरी है। बात यह नहीं कि UFE हमेशा बेहतर है — बात यह है कि आपको दोनों विकल्प जानने और चुनने का अधिकार है।
क्या आपको सिर्फ़ हिस्टेरेक्टॉमी की सलाह दी गई है? दूसरी राय लें। डॉ. निखिल बंसल (MD, PGDHHM, FVIR, FIPM) आपकी अल्ट्रासाउंड/MRI देखकर बताएँगे कि क्या आप UFE के लिए उपयुक्त हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या UFE में बच्चेदानी बच जाती है?
हाँ। यही इसका हिस्टेरेक्टॉमी से बड़ा फ़ायदा है — बच्चेदानी सुरक्षित रहती है, केवल गांठ का खून रोका जाता है।
UFE कितना असरदार है?
प्रकाशित अध्ययनों में लगभग 85–90% महिलाओं को लक्षणों में राहत मिली, विशेष रूप से भारी ब्लीडिंग और दबाव में।
क्या UFE के बाद गांठ दोबारा हो सकती है?
चूँकि बच्चेदानी रहती है, वर्षों में नई गांठें बन सकती हैं, पर जो गांठें सिकुड़ चुकी हैं वे आमतौर पर दोबारा नहीं बढ़तीं। नियमित फॉलो-अप सलाह दी जाती है।
यह लेख केवल जानकारी के लिए है और डॉक्टर की व्यक्तिगत सलाह का विकल्प नहीं है।


