डायबिटीज़ के मरीज़ का पैर पर एक छोटा-सा घाव, जो हफ़्तों बाद भी न भरे, हल्के में लेने की चीज़ नहीं है। बहुत बार यह सिर्फ़ त्वचा की समस्या नहीं, बल्कि पैर तक खून की सप्लाई कम होने की समस्या होती है। और यही समझना पैर बचाने और उंगलियाँ खोने के बीच का फ़र्क है।
घाव क्यों नहीं भरता?
घाव भरने के लिए खून के साथ ऑक्सीजन और पोषण चाहिए। डायबिटीज़ में दो चीज़ें होती हैं:
- नसों की क्षति (न्यूरोपैथी) — चोट का दर्द महसूस नहीं होता, इसलिए घाव देर से पकड़ में आता है।
- धमनियों का सिकुड़ना (PAD) — पैर तक पर्याप्त खून नहीं पहुँचता, इसलिए घाव भर ही नहीं पाता।
जिस घाव तक खून कम पहुँच रहा हो, उसे कोई भी मरहम, एंटीबायोटिक या ड्रेसिंग अकेले नहीं भर सकती। इसलिए खून की सप्लाई जाँचना सबसे ज़रूरी और अक्सर छूटा हुआ कदम है।
चेतावनी के संकेत
- घाव जो 2 हफ़्ते में सुधरता न दिखे।
- पैर ठंडा, पीला या नीला पड़ना।
- चलने पर पिंडली में दर्द जो रुकने पर ठीक हो।
- घाव से बदबू, काला पड़ना या फैलना — तुरंत डॉक्टर से मिलें।
जाँच और इलाज
पैर की नब्ज़, ankle-brachial index और कलर डॉपलर से खून की सप्लाई जाँची जाती है। अगर धमनी में ब्लॉकेज मिले, तो इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट पिनहोल एंजियोप्लास्टी से उसे खोल सकते हैं — जांघ के एक सुई-छेद से, बिना बड़े ऑपरेशन के। खून का बहाव लौटते ही घाव को भरने का असली मौका मिलता है। यही limb salvage (पैर बचाना) का आधार है।
पैर का घाव भर नहीं रहा? हर घंटा कीमती है। डॉ. निखिल बंसल (MD, PGDHHM, FVIR, FIPM) खून की सप्लाई जाँचकर एंजियोप्लास्टी से घाव भरने और पैर बचाने में मदद करते हैं। 📞 +91-97824 15566 · रिपोर्ट/फोटो WhatsApp करें · डायबिटिक फुट पेज
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
डायबिटीज़ में पैर का घाव क्यों नहीं भरता?
अक्सर पैर तक खून की सप्लाई कम होने (धमनी ब्लॉकेज/PAD) के कारण। पर्याप्त खून के बिना घाव को भरने के लिए ज़रूरी ऑक्सीजन और पोषण नहीं मिलता।
क्या न भरने वाला घाव एंजियोप्लास्टी से भर सकता है?
अगर कारण धमनी का ब्लॉकेज है, तो पिनहोल एंजियोप्लास्टी से खून का बहाव लौटाने पर घाव भरने का असली मौका मिलता है और पैर बच सकता है।
कब तुरंत डॉक्टर से मिलें?
घाव से बदबू, काला पड़ना, तेज़ी से फैलना या बुखार होने पर देरी न करें — यह आपातकालीन स्थिति हो सकती है।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के लिए है और आपातकालीन चिकित्सा का विकल्प नहीं है। गंभीर घाव में तुरंत डॉ. निखिल बंसल से मिलें।


